Dr Ameya Rangnekar

गर्दन दर्द और सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के लक्षण  

आज मोबाइल और लैपटॉप के दौर में गर्दन दर्द आम हो गया है। कई बार यह साधारण अकड़न नहीं, बल्कि गर्दन की रीढ़ में हो रही घिसावट का संकेत होता है। इसे शुरुआत में पहचान लेने से आगे की बड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है। 

 सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस क्या है?  

यह गर्दन की हड्डियों और डिस्क में उम्र या लगातार दबाव के कारण होने वाली घिसावट है। इसमें हड्डियों के बीच की गद्दी सूखने लगती है और हड्डियों पर अतिरिक्त उभार बन सकते हैं, जो नसों पर दबाव डालते हैं।  

प्रमुख लक्षण 

  • गर्दन में लगातार दर्द और जकड़न 
  • गर्दन घुमाने पर दर्द या चट-चट की आवाज़ 
  • कंधे और बांह में दर्द 
  • हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन 
  • सिर के पिछले हिस्से में दर्द और चक्कर 
  • हाथ की पकड़ कमज़ोर होना 

मुख्य कारण  

घंटों झुककर मोबाइल या कंप्यूटर चलाना, गलत तकिये का इस्तेमाल, बढ़ती उम्र, पुरानी चोट, कसरत की कमी और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। इनमें से कई कारण हमारी रोज़मर्रा की आदतों से जुड़े हैं।  

कब सावधान हों?  

अगर गर्दन दर्द के साथ हाथ में कमज़ोरी, चलने में लड़खड़ाहट या संतुलन बिगड़ने की शिकायत हो, तो यह गंभीर संकेत है। ऐसी स्थिति में अनुभवी सर्वाइकल के डॉक्टर इंदौर (Spine Doctor in Indore) से तुरंत जांच कराएं। 

जांच और इलाज  

शुरुआती अवस्था में दवाइयां, गर्दन की कसरतें और फिज़ियोथेरेपी काफ़ी असरदार रहती हैं। निदान के लिए एक्स-रे या एमआरआई की ज़रूरत पड़ सकती है। जिन मरीज़ों में नसों पर दबाव ज़्यादा हो, उनके लिए विशेषज्ञ अलग उपचार सुझाते हैं। सही समय पर लिया गया गर्दन दर्द का इलाज इंदौर (Neck Pain Treatment in Indore) आगे की जटिलताओं को रोकने में मदद करता है। 

 घरेलू सावधानियां  

स्क्रीन को आंखों की सीध में रखें, हर 30 मिनट में गर्दन को हल्का स्ट्रेच करें, पतला और सहारा देने वाला तकिया इस्तेमाल करें और सोते समय गर्दन सीधी रखें। इन छोटी आदतों से गर्दन का दर्द काफ़ी हद तक रोका जा सकता है। 

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