कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर नितंब, जांघ और पैर तक जाने वाला तेज़ दर्द साइटिका कहलाता है। यह दर्द साइटिक नर्व पर दबाव पड़ने से होता है, जो शरीर की सबसे लंबी नस है। कई लोग इसे मामूली थकान समझकर महीनों टालते रहते हैं, जिससे तकलीफ़ बढ़ जाती है।
साइटिका के मुख्य कारण
1. स्लिप डिस्क: रीढ़ की डिस्क अपनी जगह से खिसककर नस को दबाती है। यह सबसे आम कारण है।
2. स्पाइनल स्टेनोसिस: रीढ़ की नली संकरी होने से नसों पर दबाव बढ़ता है, खासकर बढ़ती उम्र में।
3. पिरिफॉर्मिस सिंड्रोम: नितंब की मांसपेशी कड़ी होकर साइटिक नर्व को दबाने लगती है।
4. गलत बैठने की आदत: घंटों झुककर बैठने या भारी सामान गलत तरीके से उठाने से रीढ़ पर ज़ोर पड़ता है।
5. चोट और मोटापा: दुर्घटना की चोट या बढ़ा हुआ वज़न भी नस पर दबाव डाल सकता है।
साइटिका के लक्षण
- कमर से पैर तक बिजली जैसा झटका या जलन
- पैर या पंजे में झनझनाहट और सुन्नपन
- बैठने, खांसने या छींकने पर दर्द बढ़ना
- पैर में कमज़ोरी महसूस होना
कब डॉक्टर के पास जाएं?
अगर दर्द एक-दो हफ़्ते में ठीक न हो, पैर में कमज़ोरी आए, या पेशाब-शौच पर नियंत्रण में दिक्कत हो, तो देर न करें। ऐसे में अनुभवी साइटिका के डॉक्टर इंदौर (Spine Specialist in Indore) से तुरंत सलाह लेना सबसे सही कदम है।
इलाज के विकल्प
ज़्यादातर मरीज़ों को दवाइयों, फिज़ियोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव से आराम मिल जाता है। ज़रूरत पड़ने पर एमआरआई जांच के बाद इंजेक्शन या सर्जरी जैसे विकल्प सुझाए जाते हैं। उपचार हमेशा सही जांच के बाद ही तय होता है, इसलिए खुद दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ की राय लें।
बचाव के आसान तरीके
सीधे बैठें, नियमित व्यायाम करें, वज़न नियंत्रित रखें और भारी वज़न उठाते समय घुटने मोड़ें। लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें। समय पर शुरू किया गया साइटिका का इलाज इंदौर (Sciatica Treatment in Indore) राहत की संभावना काफ़ी बढ़ा देता है।